सौरभ द्विवेदी "स्वप्नप्रेमी"

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कहानी: राजा और उसके चापलूस मंत्री

Posted On: 1 Oct, 2016 Politics,Hindi Sahitya,Social Issues में

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एक बार की बात है एक राजा सायं कालीन भोजनकेलिए बैठे थे साथ ही उनके कुछ मंत्री भी खाने पर साथ बैठे थे
राजा ने पहला निवाला मुंह में रखा और कहा वाह कितनी लाजवाब भिन्डी बनी है बहुत ही स्वादिष्ट
सभी मंत्रियों ने कहा हाँ महराज बहुत ही स्वादिष्ट बनी है रसोइये को इसके लिए इनाम देना चाहिए
तभी राजा ने दूसरा निवाला मुंह में रखा और कहा आक थू कितना बकवास बैगन बनया है
सभी मंत्री बोल उठे हाँ हाँ बहुत ही बकवास बनाया है इसके लिए रसोइये को सजा मिलनी चाहिए आखिर राजा के सामने इतना बकवास व्यंजन परोसने की हिम्मत कैसे की इस रसोइये ने !
तब राजा ने एक व्यक्ति को बुलाकर खाना चखने को कहा और फिर उससे पूछा वो सच सच बताये इनमें से कौन सा व्यंजन स्वादिष्ट बना है और कौन सा बेकार
उस व्यक्ति ने खाना चखने के बाद बताया महराज बैगन बहुत ही स्वादिष्ट बना है और भिन्डी उसकी अपेक्षा कम स्वादिष्ट है \
राजा ने मंत्रियों की ओर मुखातिब होकर पुछा अगर ऐसा है तो आपने मेरी हाँ में हाँ क्यों मिलाई जबकि मैंने गलत बोला था
सभी मंत्री एक साथ बोल उठे महाराज हम आपके मुलाजिम है बैगन या भिन्डी के नहीं | बैगन भिन्डी जाए भाड़ में हम तो आपके डर और आपकी स्वामिभक्ति की वजह से ऐसा कर रहे थे
उसी वक्त राजा ने उन सभीमंत्रियों को बर्खास्त कर नए मंत्रियों की तलाश शुरू कर दी जो सच को सच औरझूठ को झूठ कह सकें
#स्वप्नप्रेमी
नोट- कुछ ऐसा ही आजकल भी हो रहा है अब देखते राजा अपने मंत्री मब्लता है या उसे अपनी हाँ में हाँ मिलाने लोग ही चाहिए

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